SIR में खतियान को मिले मान्यता, बिना नोटिस न कटें नाम, मतदाता सूची का सामाजिक अंकेक्षण हो और तार्किक विसंगति को हटाए जाने पर चुनाव आयोग से बड़ी मांग
आज दिनांक 19 जून 2026 को झारखंड में 30 जून से शुरू हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में पूर्ण पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यूनाइटेड मिली फोरम, लोकतान्त्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान, ए.पी.एस.आर, भारत जोड़ो अभियान/ साझा कदम और झारखंड जनाधिकार महासभा के प्रतिनिधियों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार से मुलाकात की संगठनों ने प्रक्रिया से जुड़े जमीनी मुद्दों और चिंताओं को रखा । ग्रामीण, आदिवासी, मुस्लिम और महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटने का खतरा है, इसलिए खतियान और वंशावली को मान्य दस्तावेज़ माना जाए और प्रक्रिया में ग्राम सभाओं की संवैधानिक भूमिका सुनिश्चित की जाए। सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) यानी किसी का नाम छूट रहा हैं तो उसकी सूची को ग्राम सभा एवं वार्ड में सार्वजनिक रूप से साझा किया जाए।
खेती के सीजन को देखते हुए SIR की समय-सीमा बढ़ाने, तार्किक विसंगति (Logical Discrepancy) के नियम को निरस्त करने और बिना 30 दिनों के लिखित नोटिस के किसी भी नागरिक का नाम न हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
यूनाइटेड मिली फोरम से अफजल अनीस , लोकतान्त्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान से मंथन , एपीसीआर झारखंड से मोहम्मद जियाउलह, साझा कदम / भारत जोड़ो अभियान से प्रवीर पीटर एवं झारखंड जनाधिकार महासभा से एलिना होरो, प्रियशिला, रिया तुलिका पिंगुआ एवं टॉम कावला इस प्रक्रिया में जुड़े।
Discover more from समता मार्ग
Subscribe to get the latest posts sent to your email.















