समाजवादी समागम महात्मा गांधी, डॉ. राममनोहर लोहिया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रेरणा से राष्ट्र-निर्माण के कार्यों के लिए संकल्पित, समाजवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाले व्यक्तियों का संगठन है। समाजवादी समागम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति ने देश के गौरव तथा लोकतांत्रिक राष्ट्र-निर्माण, शांतिपूर्ण आंदोलनों और शिक्षा-सुधार के लिए निरंतर कार्यरत श्री सोनम वांगचुक द्वारा नौजवानों के समर्थन में 28 जून से प्रारंभ किए गए आमरण अनशन का समर्थन करने का निर्णय लिया है।
समाजवादी समागम भारत के समाजवादियों की एक रचनात्मक पहल है और हमारी मान्यता है कि—
1. 18 वर्ष की आयु के सभी युवजनों को रोजगार का अधिकार मिलना चाहिए। रोजगार-विहीन नई अर्थनीति के कारण नौजवानों को अंधकारमय भविष्य का सामना करना पड़ रहा है।
2. वैश्विक पूंजीवाद के दबाव में शुरू हुए शिक्षा के व्यवसायीकरण को बंद करके नई पीढ़ी को प्राथमिक से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक निःशुल्क शिक्षा का अवसर दिया जाए। इसके लिए देश के बजट का कम-से-कम 6 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया जाए।
3. प्रतियोगी परीक्षाएँ भ्रष्टाचार-मुक्त हों तथा प्रश्नपत्र ‘लीक’ करने वाले दोषी गिरोहों को कठोर दंड दिया जाए। इसकी शुरुआत गैर-जिम्मेदार शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से की जाए।
समाजवादी समागम नौजवानों में देश को बचाने की बेचैनी का स्वागत करता है। हम देश के किसानों द्वारा नौजवानों के समर्थन में आगे आने की सराहना करते हैं। हम मजदूर संगठनों से भी नौजवानों का समर्थन करने की अपील करते हैं। शिक्षकों और अभिभावकों से भी हमारा आग्रह है कि वे श्री सोनम वांगचुक के इस आंदोलन का समर्थन करें।
जय हिन्द।
आनंद कुमार
अध्यक्ष
रामबाबू अग्रवाल, गोपाल सिंह, मंजू मोहन, श्याम गंभीर
उपाध्यक्ष
अनिल ठाकुर,हरीश खन्ना, शशिशेखर प्रसाद
महामंत्री
महेंद्र शर्मा
कोषाध्यक्ष
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष
श्री राकेश कुमार

















