8 सितंबर। संयुक्त युवा मोर्चा द्वारा उत्तर प्रदेश में रोजगार अधिकार के लिए चलाए जा रहे संवाद और संपर्क अभियान के तहत शुक्रवार को सोनभद्र के म्योरपुर ब्लॉक अंतर्गत रनटोला गांव में मीटिंग हुई।
इस मौके पर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि संकट जैसे मुद्दे परिचर्चा में उभर कर आए। पता चला कि क्षेत्र से भारी संख्या में युवा अन्य राज्यों में काम के लिए पलायन कर रहे हैं। बता दें कि आकांक्षी जनपद होने के बावजूद शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे विभागों में भी तकरीबन आधे पद रिक्त पड़े हुए हैं। हालत यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश का इलाज नहीं है जबकि इस इलाके में सांप काटने से काफी लोगों की इलाज के अभाव में मौत हो जाती है।
संयुक्त युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि ये मुद्दे महज स्थानीय सवाल नहीं हैं बल्कि मौजूदा संकट सरकार की जनविरोधी नीतियों का परिणाम है। संयुक्त युवा मोर्चा की ओर से रोजगार अधिकार के लिए कानून बनाने की मांग की जा रही है जिसमें स्थानीय स्तर पर लोगों को कम से कम न्यूनतम मजदूरी पर रोजगार की सरकार गारंटी करे। इसके अलावा देश भर में एक करोड़ रिक्त पदों को भरने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में 6 लाख पदों को भरने, सरकारी विभागों में संविदा/आउटसोर्सिंग पर रोक और देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र जैसे रेलवे, पोर्ट, बिजली-कोयला, शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निजीकरण रोकने की मांग अभियान में लगातार उठाई जा रही है।
मीटिंग में मौजूद आईपीएफ के दिनकर कपूर ने अडानी शेयर घोटाले पर विस्तार से बताया कि किस तरह मोदी सरकार के सहयोग से अडानी की संपत्ति 50 हजार करोड़ से 12 लाख करोड़ पहुंच गई। कहा कि अगर अडानी जैसे कारपोरेट्स को लूट की खुली छूट न दी जाए, कारपोरेट्स पर संपत्ति कर आदि टैक्स लगाए जाएं तो देश के नागरिकों को गरिमापूर्ण रोजगार, शिक्षा-स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करना मुमकिन है।
इस मौके पर संयुक्त युवा मोर्चा की केंद्रीय टीम के सदस्य राजेश सचान, उत्तर प्रदेश टीम की सदस्य सविता गोंड, युवा मंच की सुगवंती गोंड व गुंजा गोंड के अलावा युवा व ग्रामीण मौजूद रहे।
– राजेश सचान
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