लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान की मालवन सहचिन्तन की रपट!

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democratic nation-building campaign!

24 से 26 जनवरी 2026 तक लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान का तीसरा तीन-दिवसीय सहचिन्तन सम्पन्न हुआ। यह सहचिन्तन महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में सिंधुदुर्ग जिले के मालवण में बैरिस्टर नाथ पै सेवांगन परिसर में हुआ।

इसके सहभागियों का विवरण इस प्रकार है: 1.आनन्द कुमार (गोवा) 2.दीपक धोलकिया 3. मणिमाला 4.शशिशेखर सिंह 5.हरीश खन्ना 7.अशोक सोमल (हिमाचल प्रदेश) 8.विभूति विक्रम 9.सुषुम विक्रम 10.कृष्ण शेखर (उत्तर प्रदेश) 11.कारु 12.सोमर भोक्ता 13. सुशील कुमार 14.योगेंद्र 15.अलका 16.शाहिद कमाल 17.पूनम शरण 18.उमेश 19.जया देवी (बिहार) 20.मंथन 21.अरविन्द अंजुम 22.राजश्री 23.निधि (झारखंड) 24.अनन्ता (ओडिशा) 25.संजना (मध्यप्रदेश) 26.अम्बरीष 27.तृप्ति (गुजरात ) 28.जयंत दिवान 29.गुड्डी एस एल 30.विरेन्द्र कुमार 31.शेख हुसैन 32.ज्ञानेन्द्र कुमार 33.गोविन्द चव्हान 34.कल्याण साखरकर 35.नूतन मालवी 36.संध्या एदलाबादकर 37.वासंती दिघे 38.ईश्वर अहिरे (महाराष्ट्र)।

पश्चिम बंगाल से मनीषा बनर्जी एवं अहमद रजा, ओडिशा से किशोर दास और सिद्धार्थ नायक, झारखंड से पी एम एंथोनी, मार्शल मुर्मु,अम्बिका यादव एवं किरण, बिहार से पंकज और शची जी का आना निश्चित और आरक्षित था। ये सभी परिजनों के स्वास्थ्य या अन्य कारणों से नहीं आ सके।

यह सहचिन्तन इस बार विशेष तौर पर अभियान की सांगठनिक गतिशीलता और कार्ययोजना की प्रभावशीलता को बढ़ाने पर फोकस था। पहला दिन देश दुनिया की मौजूदा चुनौतियों को चिन्हित करने और उन चुनौतियों के बीच से अपने लिए प्राथमिकता और फोकस तय करने का था। दूसरा दिन लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान की तीन-साढ़े तीन साल की यात्रा के समीक्षात्मक अवलोकन का था। इसी दिन सहभागियों को अपनी दिलचस्पी और सामर्थ्य के विषयों और मसलों को पहचानना था। लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान उनकी सार्वजनिक सक्रियता के किस प्राथमिकता क्रम में आता है, बताना था। वे इस सामूहिकता के लिए कितना समय दे पायेंगे, यह भी बताना था। तीसरा दिन संगठन की कमिटियों और प्रभारों के गठन का था। पिछले दो दिनों की चर्चा के आधार पर एक कार्ययोजना तैयार करने और कुछ विशेष कार्यक्रम बनाने का था।

इस सहचिंतन में बने मुख्य सहमतियों और निष्कर्षों का विवरण इस प्रकार है:

1. पिछले वर्ष जयपुर में सम्पन्न सहचिन्तन में 5-6 कार्यसमूह बने थे। उन कार्यसमूहों में सिर्फ पर्यावरण विषयक कार्यसमूह ही नियमित रूप से सक्रिय रहा। इस स्थिति को देखते हुए पर्यावरण कार्यसमूह को जारी रखने और बाकी कार्यसमूहों को समाप्त करने का निर्णय हुआ।
2.सम्पर्क और संवाद के विस्तार के लिए लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान का दो केन्द्र बनाना तय हुआ। एक दिल्ली में, दूसरा मुंबई में। दिल्ली केन्द्र के संयोजन की जिम्मेवारी दीपक धोलकिया की और मुंबई केन्द्र के संयोजन की जिम्मेवारी जयंत दिवाण की होगी।
3. मार्च 2026 से महाड़ सत्याग्रह का सौवां साल शुरू हो रहा है। लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान इस शताब्दी समारोह के कार्यक्रमों में आयोजन, सहयोग, सहभाग में यथाशक्ति शामिल रहेगा। कार्यक्रमों का स्वरूप और उसमें सहभाग को निर्धारित और संचालित करने के लिए गुड्डी, जयंत, अरविन्द अंजुम और मणिमाला का एक टास्क फोर्स बनाया गया।
4. लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान का एक दृष्टि पत्र बनाना, छापना और उसे व्यापक स्तर पर प्रसारित करना एक जरूरी गतिविधि मानी गयी। विविध बुनियादी प्रश्नों पर पर्चा और फोल्डर तैयार करने का भी फैसला हुआ।
इस लेखन के लिए योगेन्द्र, अरविन्द अंजुम, मणिमाला और दीपक धोलकिया की एक टीम बनाई गयी। इस टीम का संयोजन दीपक धोलकिया करेंगे।
5.पश्चिमी चम्पारण की भूमि समस्या पर राष्ट्रीय माहौल और दबाव बनाने की यथाशक्ति नियमित भूमिका निभाने का कार्य लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान करेगा।
6.पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हस्तक्षेप के इच्छुक साथी मनीषा बनर्जी के नेतृत्व में टीम बनाकर कार्य करेंगे।
7.अपनी उपस्थिति के हर प्रांत में स्थानीय या प्रांतीय स्तर पर बैठक, संवाद, सेमिनार, डिबेट, शिविर , सम्मेलन किसी न किसी रूप का एक युवा आयोजन छह माह के अंदर कर लेना है। आयोजन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सहसंयोजकों की होगी। असफलता की जिम्मेवारी भी सहसंयोजक विशेष की होगी।
8.लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान उमर खालिद, शर्जील इमाम, सोनम वांगचुक और भीमा कोरेगांव के अभी भी जमानत-वंचित कैदियों की रिहाई की मांग पर युवाओं के बीच विशेष अभियान चलायेगा।

नवगठित समितियां और नए पदाधिकारी
नई कार्यसमिति
1.आनंद कुमार 2.अफजल अनीस 3.अलका 4.आलोक सिंह 5.अंबिका यादव 6.अम्बरीष 7.अनन्ता 8.एंटो जोसेफ 9.अरविंद अंजुम 10.अशोक कुमार सोमल 11.अशोक विश्वराय 12.दीपक धोलकिया 13.दिनेश प्रियमन 14.एलीना होरो 15.घनश्याम 16.गुड्डी एस एल 17.ज्ञानेंद्र 18.हरीश खन्ना 19.ईश्वर अहिरे 20.जागृति राही 21.जयंत दिवाण 22.ज्योति पासवान 23.कल्याण साखरकर 24.कंचन बाला 25.कारू 26.किरण 27.किशोर दास 28.क्षितिज यामिनी श्याम 29.कुंजबिहारी 30.कृष्ण शेखर 31.मणिमाला 32.मनीषा बनर्जी 33.मंथन 34.मीनाक्षी सखी 35.निधि 36.नूतन मालवी 37.पंकज 38.प्रेमचंद विश्वकर्मा 39.पूनम शरण 40.प्रियदर्शी 41.प्रदीप प्रियदर्शी 42.रामधीरज 43.रामशरण 44.राजश्री 45.रणधीर गौतम 46.रेजीनार्क 47.रीता धर्मरीत 48.रूपेश कुमार 49.संध्या एदलाबादकर 50.संजना 51.एस आर हीरेमठ 52.सत्यनारायण मदन 53.सवाई सिंह 54.शाहिद कमाल 55.शशिशेखर सिंह 56.सोमर भोक्ता 57.सुशील कुमार 58.सुषुम विक्रम 59.टोनी 60.टॉम कावला 61.तृप्ति 62.ऊषा विश्वकर्मा 63.उमेश धनरुआ 64.उपेन्द्र शंकर 65.उत्सव यादव 66.वासंती दिघे 67.विरेन्द्र कुमार 68.विभूति विक्रम 69.विनोद पाय्यदा 70.योगेन्द्र

नवगठित कोर समिति
1.आनंद कुमार 2.अलका 3.अशोक सोमल 4.अशोक विश्वराय 5.दिनेश प्रियमन 6.दीपक धोलकिया 7.गोविंद चव्हान 8.गुड्डी एस एल 9.ज्ञानेंद्र कुमार 10.ईश्वर अहिरे 11.जयंत दीवान 12.जागृति राही 13.किरण 14.कारु 15.मणिमाला 16.मनीषा बनर्जी 17.मंथन 18.पंकज 19.शशिशेखर सिंह 20.टोनी 21.विरेंद्र कुमार 22.योगेंद्र

नए पदाधिकारी
संयोजक- आनंद कुमार
सहसंयोजक: 1.दीपक धोलकिया 2.गुड्डी एस एल 3.ज्ञानेंद्र कुमार 4.किरण 5.मणिमाला 6.मनीषा बनर्जी 7.मंथन 8.शशिशेखर सिंह
सहसंयोजकों के लिए कुछ विशेष जिम्मेदारियां तय की गईं।
1.हर सहसंयोजक के जिम्मे एक विशेष कार्य होगा।
2.हर सहसंयोजक के हिस्से एक राज्य के संगठन की जिम्मेवारी होगी।
3.हर कार्यसमूह या टास्कफोर्स का प्रभारी एक सहसंयोजक होगा।
4.अगर कोई सहसंयोजक अपनी जिम्मेवारियों में तीन माह तक लगातार निष्क्रिय रहा तो उसे सहसंयोजक के प्रभार से मुक्त कर दिया जाएगा।

नवगठित कोर समिति की बैठक

सहचिंतन की समाप्ति के बाद उसी स्थान पर कोर कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक में आनंद कुमार, शशिशेखर सिंह, जयंत दिवान, वासंती दिघे, गुड्डी एस एल, अशोक सोमल, ईश्वर अहिरे, विरेंद्र कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार, मणिमाला, गोविंद चव्हान और अशोक सोमल शामिल थे।

बैठक में सहसंयोजकों का प्रांत-स्तरीय जिम्मा इस प्रकार आवंटित हुआ: मंथन- बिहार, शशिशेखर सिंह – हिमाचल प्रदेश और राजस्थान, मणिमाला – महाराष्ट्र, गुड्डी – उत्तराखंड और गुजरात, दीपक धोलकिया – कर्नाटक और मध्यप्रदेश, मनीषा बनर्जी – बंगाल, किरण से पूछा जाएगा, ज्ञानेंद्र – उड़ीसा और उत्तर प्रदेश।

इसके अलावा कुछ और कार्यक्रम की सहमति बनी:

– गुड्डी कश्मीर में युवा शिविर की कोशिश करेंगी ।
– उमर खालिद, शर्जील इमाम, सोनम वांगचुक और कोरेगांव के अभी भी बंद साथियों के मुद्दे पर आनंद कुमार परचा तैयार करेंगे।
– उमर खालिद और अन्य के परिवार से मिलने की कोशिश शशिशेखर सिंह करेंगे।
– कश्मीर, लद्दाख और मणिपुर पर कुछ करने की कोशिश की जाए।
– कोर कमेटी की बैठक में सहचिन्तन में नवगठित कोर समिति में छूटे अनंत और सुशील कुमार को जोड़ने का फैसला लिया गया। सुशील कुमार को जोड़ने पर मंथन की असहमति थी।
– कोष की जिम्मेवारी अब जयंत संभालेंगे। कोर फंड का पैसा उनके पास हिसाब के साथ मंथन भेज देंगे। आगे से जयंत के द्वारा बताए गए खाते में ही कोर अंशदान जमा किया जाएगा।
– मंथन कोर समिति और कार्य समिति के व्हाट्सएप ग्रुप में निर्णयानुसार जोड़ने, हटाने और सहचिन्तन की रिपोर्ट तैयार करने का काम करेंगे।
– अब से शशिशेखर सिंह पाक्षिक बैठकों का लिंक बनाने, आमंत्रण भेजने और बैठक संचालन का काम करेंगे।
– बैठक की रिपोर्ट तैयार करने और समय समय पर निर्धारित दायित्वों की याद दिलाने का काम मंथन करेंगे।


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1 COMMENT

  1. लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान में देश भर से नौजवानों को भी जोड़िये। सिर्फ और सिर्फ यथास्थितिवादी विद्वान वृद्धों की टोली से सिर्फ बैठक, चिंतन, बातचीत हीं संभव है। आप सभी तथाकथित स्वनामधन्य समाजवादी अपनें-अपनें मठों में आज के नौजवान युवा-युवतियों के लिए भी जगह बनाइए। इन युवाओं की असीम ऊर्जा भंडार को चेंज मेकर बनायें, उन्हें भी समता, समाजवाद, धर्म-निरपेक्षता, राष्ट्रीयता, जनतंत्र, विज्ञान अभिमुखता, समतामूलक समाजवादी समाज और संविधान को जानने और समझनें का मौका देवें महोदय। आप सभी तो जय प्रकाश के शिष्य हैं, खुद में समता, समानता का बीजारोपण करिए। इस तरह के गुफ्तगू से हीं तो नौजवान पीढ़ी तैयार होगी, जिसकी आज सबसे ज्यादा आबादी है, सबसे ज्यादा जरुरत भी।
    धन्यवाद!!

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