राजनीति

यह जॉंच है या जाल?

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— डॉ सुरेश खैरनार — मौजूदा सत्ताधारी दल जांच एजेंसियों को 2014 के पहले पिंजरे का तोता कहता था। लेकिन 2014 में केंद्र की सत्ता हासिल करने के बाद उसी तोते को बीजेपी ने गिद्ध...

क्यों नहीं थमते ये नफरती बोल?

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— मुनेश त्यागी — कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा, साध्वी ऋतंभरा और कई सारे तथाकथित धार्मिक गुरु, धार्मिक मांएं और साधु संन्यासी पिछले काफी दिनों से अपने भाषणों से समाज और देश में सांप्रदायिक...

राहुल गांधी की राजनीति

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— रामशरण — सोलह सितंबर को एक अद्भुत दृश्य देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक बूढ़ी महिला, संभवतः मलयाली, आकर राहुल गांधी से यूं लिपट गई जैसे लंबे...

सवाल-जवाब

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— प्रो राजकुमार जैन — जवाहरलाल नेहरू को लेकर सोशलिस्ट तहरीक के दो साथियों चंचल bhu तथा रमाशंकर सिंह के बीच सवाल-जवाब हो रहा है, जिन्होंने बरगद के पेड़ के नीचे अपनी वैचारिक आँखें खोली...

बिलकिस बानो अगर बिमला देवी होती

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— योगेन्द्र यादव — पंद्रह अगस्त से बार-बार मेरे जेहन में हिंदी के महान कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की प्रसिद्ध कविता ‘देश कागज पर बना नक्शा नहीं होता’ गूंज रही है। इधर देश आजादी की...

क्या आजादी के पचहत्तर साल के यही मायने हैं!

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— डॉ सुरेश खैरनार — बिलकिस बानो, 21 साल की उम्र और तीन महीने की गर्भवती के साथ आज से बीस साल पहले के गुजरात के दंगों में बलात्कार करनेवाले लोगों को आजादी के पचहत्तर...

क्या बिहार फिर से नयी राजनीतिक दिशा दे सकता है?

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— डॉ अनिल ठाकुर — बिहार की राजनीति में कुछ समय से राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। नीतीश कुमार सोलह-सत्रह वर्षों से बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। अभी हाल में यानी 9 अगस्त को उन्होंने...

सेल्फी वाली यह आजादी किसकी है?

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— विमल कुमार — ‌पंद्रह अगस्त को पांच करोड़ सेल्फी हर घर तिरंगा योजना में अपलोड किया गया। यह डिजिटल युग और सोशल मीडिया के जमाने की आजादी है। मोदी 2022 तक हर व्यक्ति को...

फासीवाद से लड़ना हम सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए लेकिन क्या विपक्ष एकजुट हो...

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— राजू पाण्डेय — मैच के दौरान कई बार ऐसा होता है कि मैदान पर खेल रहे खिलाड़ियों से ज्यादा मैच देख रहे दर्शक उत्साहित-उत्तेजित हो जाते हैं; खिलाड़ी तो सौहार्द-संतुलन बनाए रखते हैं किंतु...

राष्ट्रप्रेम, आवरण नहीं आचरण में दीखे

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— जयराम शुक्ल — इन दिनों तिरंगा अभियान चल रहा है, घर-घर तिरंगा, हर घर तिरंगा। सबकुछ पचहत्तर-पचहत्तर। यह उत्सव मनाने की भारतीय अदा है। कई महकमे अपना मूल काम छोड़कर तिरंगा रैली निकाल रहे...