गैर-भाजपावाद की कामयाबी के लिए समाजवादी एकजुटता की जरूरत
— सुनीलम —
सत्रह मई 1934 को कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन हुआ था, आज से 87 वर्ष पहले। यदि कोरोना काल नहीं होता तो हम पटना में समाजवादी समागम में अवश्य मिलते लेकिन सोमवार...
अखिल गोगोई की जीत से असम में नई बयार
— सुनीलम —
असम के शिवसागर विधानसभा क्षेत्र से अखिल गोगोई चुनाव जीत गए। गोगोई की जीत विशेष महत्त्व रखती है। उनकी जीत का महत्त्व केवल इसलिए नहीं है कि असम की भाजपा सरकार और...
ऐतिहासिक घटना है किसान मोर्चा व श्रमिक संघों का साथ आना
— सुनीलम —
एक मई को दुनियाभर में मई दिवस, 'दुनिया के मजदूरो एक हो' के नारे के साथ मनाया जाता है। भारत में भी सभी श्रमिक एवं प्रगतिशील संगठन मई दिवस पर कार्यक्रम आयोजित...
‘झांकी’ से आगे
— पन्नालाल सुराणा —
अयोध्या एक झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है।
वर्ष 1986 से यह नारा संघ परिवार के लोग ढोल-नगाड़े बजा-बजाकर जनता को सुना रहे हैं। देश में अकाल आए, भूकंप आए, सुनामी आ जाए,...
असम में असंतोष क्या गुल खिलायेगा
- अपूर्व कुमार बरुआ -
असम में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के चलते राज्य के विभिन्न समुदायों के बीच दरारें उभर कर सतह पर आ गई हैं। ये दरारें पहले के मुकाबले और भी...











