जलवायु-परिवर्तन से जीत सकती हैं महिलाएं! – अपूर्वा श्रीवास्तव

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(प्राकृतिक आपदाओं के अनुभव बताते हैं कि यदि दुनिया की आधी, महिलाओं की आबादी को अवसर मुहैय्या करवाए जाएं तो जलवायु-परिवर्तन से निपटा जा...

धरती की तरह स्त्री! – परिचय दास

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मानव सभ्यता की स्मृतियों में कुछ क्षण ऐसे आते हैं जब समय अपने ही कंधों पर ठहरकर पीछे देखता है। उन क्षणों में पृथ्वी...

होली : जहाँ रंग उतरते हैं, वहाँ स्मृति ठहरती है

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— परिचय दास — ।। एक ।। होली ऋतु का वह क्षण है जहाँ समय अपने अनुशासन से फिसलकर रस में बदल जाता है। यह केवल...

बिहार की अस्मिता के शिल्पकार : डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा

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— परिचय दास — इतिहास का एक अद्भुत स्वभाव है। वह कभी–कभी ऐसे व्यक्तियों को जन्म देता है, जिनकी उपस्थिति किसी प्रदेश की नियति को...

संस्थानों की दीवारों में छिपी ईर्ष्या – परिचय दास

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संस्थानों की दीवारें केवल ईंट और पत्थर से नहीं बनी होतीं; वे महत्त्वाकांक्षाओं, आशंकाओं और अनकहे प्रतिस्पर्धात्मक भावों से भी निर्मित होती हैं। जहाँ...

डॉ. रामचंद्र प्रधान का अनंत में महाप्रस्थान – प्रोफेसर राजकुमार जैन

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तकरीबन साठ वर्षों तक प्रधान जी से मेरे आत्मीय संबंध बने रहे। समाजवादी विचारधारा में गहरी आस्था रखने वाले डॉ. प्रधान ताउम्र समाजवादी तवारीख...

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस : जेंडर और नस्ल के सवाल

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— डॉ. शुभनीत कौशिक — एआई आधारित सॉफ्टवेयर और एल्गोरिद्म में अंतर्निहित जेंडर और नस्ल सम्बन्धी पूर्वाग्रह की विस्तृत पड़ताल करते हुए टिमनिट गेब्रू और...

भारत की लोकसंस्कृति में शिव — राजेंद्र रंजन चतुर्वेदी

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भारत की लोकसंस्कृति शिवमय है। पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक प्रत्येक जनपद में शिव की कीर्ति है। प्रत्येक जनजाति के गीतों...

कला-साहित्य के बहुवचन : शिव

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— परिचय दास — शिव के रहस्य में वसंत है, मुस्कान में कलाएं । भंगिमा में लीला है तो संपूर्ण जीवन प्रसादमय। हम भारत के...

शिव : एक सुगंध

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— परिचय दास — शिव, वह नाम जिसे लेते ही एक अद्भुत शीतलता और ऊर्जस्विता का अनुभव होता है। उनकी उपस्थिति से ही एक अलौकिक सुगंध...