Tag: परिचय दास
विश्वविद्यालय केवल परीक्षा की जगह नहीं है
— परिचय दास —
विश्वविद्यालय की कल्पना करते ही हमारे सामने अक्सर एक भवन आता है। कुछ कक्षाएँ, कुछ विभाग, एक पुस्तकालय, परीक्षा-कक्ष, प्रशासनिक कार्यालय,...
गांधी आज लौटे थे!
— परिचय दास —
सुबह मैंने गांधी को देखा। वे लौटे थे। न कोई जुलूस था, न कोई घोषणा। न आकाश से कोई दिव्य प्रकाश...
किशन पटनायक : विकल्पहीन नहीं है दुनिया
— परिचय दास —
।। एक।।
कभी-कभी दुनिया इतनी भरी हुई दिखाई देती है कि उसमें किसी विकल्प के लिए जगह ही नहीं बचती। चारों ओर...
बिटिया : अपने आकाश की उड़ान
— परिचय दास —
बिटिया का होना घर में एक फूल का खिलना भर नहीं है। फूल तो डालियों पर भी खिलते हैं, लेकिन बिटिया...
दिनकर की सांस्कृतिकी : परंपरा से भविष्य तक
— परिचय दास —
दिनकर को केवल राष्ट्रकवि कह देना उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को एक सुविधाजनक परिचय में बाँध देना है। उनके भीतर जो कवि...
वासुदेवशरण अग्रवाल : साहित्य में संस्कृति की खोज
— परिचय दास —
।। एक ।।
हिंदी आलोचना का इतिहास केवल उन नामों से नहीं बनता जिन्हें इतिहास ने अपने मुख्य पृष्ठ पर जगह दी...
विनोबा भावे के गीता प्रवचन के बहाने
— परिचय दास —
11 सितंबर को विनोबा भावे की जयंती थी । इस अवसर पर विनोबा को केवल फूलों से याद करना थोड़ा कम याद...
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना: समय की नब्ज पर सर्वेश्वर की उंगली
— परिचय दास —
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की पत्रकारिता को केवल साहित्यकार की पत्रकारिता कह देना उसके वास्तविक महत्त्व को छोटा कर देना होगा। उनकी...
सत्यप्रकाश मिश्र: आलोचना में असहमति का विवेक
— परिचय दास —
।। एक।।
हिंदी आलोचना के इतिहास में कुछ आलोचक ऐसे हैं जिनकी अनुपस्थिति से अधिक उनकी उपस्थिति का ढंग ध्यान खींचता है।...
कृष्ण : जीवन के सबसे सुंदर अर्थ की तरह
— परिचय दास —
कृष्ण को याद करते ही सबसे पहले कोई मंदिर नहीं खुलता, कोई शास्त्र नहीं खुलता, कोई दार्शनिक सूत्र सामने नहीं आता।...




















