राजनीति

रामप्यारी को न्याय मिलेगा द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति होने से?

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— योगेन्द्र यादव — मैंने कहा बधाई हो! श्रीमती द्रौपदी मुर्मू देश की राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। उनके चेहरे को सपाट देखकर मैंने स्पष्ट किया : बनी नहीं हैं, बनने जा रही हैं। वोट...

अग्निपथ योजना : हठधर्मिता छोड़े सरकार

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— राजू पाण्डेय — रक्षा विशेषज्ञों और युद्ध तथा सैन्य प्रशासन का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले सेवा निवृत्त अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन से पहले उनसे चर्चा,...

कैसे बुझेगी अग्निपथ की आग

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— सुनील कुमार — केंद्र सरकार द्वारा घोषित टूर ऑफ ड्यूटी ने देश भर में सैनिक भर्ती अभ्यर्थियों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। इस आक्रोश में इतनी ऊर्जा है कि बिना किसी नेतृत्व...

अग्निवीर या बलि के बकरे?

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— रामशरण — आपको याद होगा जब भारत चीन सीमा पर तनाव चरम पर था सरकार-भक्त मीडिया में एक वीडियो खूब दिखाया गया था। इसमें युद्ध में जा रहे कुछ युवा सैनिक रो रहे थे।...

अहिल्याबाई द्वारा कराए गए सफल करार के प्रति द्रोह

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— अफ़लातून — महारानी अहिल्याबाई ने काशी के मंदिर-मस्जिद विवाद का दोनों पक्षों के बीच समाधान कराया - काशी की विद्वत परिषद तथा मस्जिद इंतजामिया समिति के बीच। इस समाधान के तहत विश्वनाथ मंदिर बना-...

यह घोर मजदूर-विरोधी व्यवस्था है

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— मंजुल भारद्वाज — भूमंडलीकरण ने श्रमिकों के मानवाधिकारों, श्रम की गरिमा, प्रतिरोध की आवाज, बेहतर पारिश्रमिक को तार-तार कर मालिकों के मुनाफे की राह को आसान कर दिया है।भूमंडलीकरण मजदूर और लोकतंत्र विरोधी है।...

कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच बातचीत क्यों टूटी?

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— श्रवण गर्ग — कांग्रेस प्रशांत किशोर (पीके) की समस्या से आजाद हो गयी है। पार्टी ने तय किया है कि अपना घर ठीक करने के लिए उसे किसी भी बाहरी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं...

हिंसक भीड़ ही अब हिन्दुत्व का गौरव है!

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— मंजुल भारद्वाज — मोदी राज में हिंसक भीड़ हिन्दुत्व का गौरव हो गयी है। इस राज में असत्य के प्रयोगों की बाढ़ आ गयी है क्योंकि विकारी संघ की शाखा में झूठ, छद्म सिखाया...

प्रधानमंत्री मोदी कब तक शासन करना चाहते हैं?

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— श्रवण गर्ग — प्रधानमंत्री के इर्दगिर्द एक ऐसा तंत्र विकसित हो गया है जिसने देश की एक बड़ी आबादी को उनकी दैनंदिन की गतिविधियों और व्यक्तित्व के दबदबे के साथ चौबीसों घंटों के लिए...

टीके जैसा जरूरी कर दिया जाए ‘कश्मीर फ़ाइल्स’ देखना!

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— श्रवण गर्ग — फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को व्यापक रूप से देखा और दिखाया जाना चाहिए। इसका देखा जाना कोविड के टीके की तरह अनिवार्य भी किया जा सकता है। शुरुआत उन लोगों से...