और हम नेपाल में गिरफ़्तार हो गए – चंचल
हमारे सोच का दायरा सिकुड़ा है और इतना तंग हुआ है कि अब यह आत्मकेंद्रित होकर रह गया है , यहाँ तक कि हम...
रूस -यूक्रेन जंग और राजनारायण !
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
अंग्रेज़ी भद्र समाज और उसके समाचार पत्रों ने सोशलिस्ट नेता राजनारायणजी की तस्वीर, एक गंवार, अशिक्षित, हुल्लड़बाज़, असभ्य नेता के...
सन्यास से परहेज़ करने वाले सर संघचालक
— राकेश अचल —
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत गुरुवार को चुपचाप 75 वर्ष के हो गए, लेकिन उन्होने न सन्यास लिया...
प्रो जगदीप छोकर को श्रद्धांजलि!
— परिचय दास —
जगदीप छोकर का व्यक्तित्व और कृतित्व भारतीय लोकतंत्र के संवर्धन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय की तरह अंकित है। वे...
फासिज्म यानी अन्य का दिमाग़ निगलने का सिस्टम
— प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी —
भारत प्रथा और रिवाजों का देश इन दिनों नए सिरे से प्रथा और रिवाज बनाए जा रहे हैं और उन...
साहित्य : एक थेरेपी ( उपचार )
— परिचय दास —
।। एक ।।
साहित्य केवल शब्दों का विन्यास नहीं है, न ही केवल घटनाओं और पात्रों की कथावस्तु। यह हमारे भीतर छिपे...
द फर्स्ट नक्सल !
— डॉ. सुरेश खैरनार —
साथीयो गत तीन दिनों से द फर्स्ट नक्सल नाम की किताब पढ रहा था. यह कलकत्ता के स्टेट्समन नाम के...
Memory with Rabi Ray – Anand kumar
It is a special opportunity for me to share some of my considerations of Rabi Ray whom I consider as one of the most...
भारत और अंधविश्वास – प्रोफेसर जगदीश्वर चौधरी
अंधविश्वास सामाजिक कैंसर है। अंधविश्वास ने सत्ता और संपत्ति के हितों को सामाजिक स्वीकृति दिलाने में अग्रणी भूमिका अदा की है। आधुनिक विमर्श का...
हिन्दू संस्कृति – वासुदेवशरण अग्रवाल
हिन्दू- संस्कृति परस्पर आदान प्रदान के प्राणवायु से पोषित होकर विकसित हुई है। इसमें सबको खुलकर सांस लेने का भरपूर उदार अवकाश मिलता रहा...

















