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राजनीति

Neither the leaders nor the election process will improve.

न नेता सुधरेंगे और न चुनाव की प्रक्रिया – राकेश अचल

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— राकेश अचल — संसद के महत्वपूर्ण 20 घंटे दो ऐसे मुद्दों पर बहस की भेंट चढ गये जिनका कोई हासिल नही है सिवाय संसदीय हताशा के.संसद में सत्ता पक्ष का टेसू अपनी जगह अडा...

इतिहास की कल्पना बनाम कल्पनाओं का इतिहास – अरुण कुमार त्रिपाठी

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वंदे मातरम् पर संसद में हुई दस घंटे की बहस से क्या मिला? क्या किसी ने कोई सबक लिया और देश में कहीं सद्भाव और सौहार्द और साझी विरासत को समझने का वातावरण निर्मित...

क्या नेता भी नीलाम हो सकते हैं? – राकेश अचल

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आईपीएल के लिए जब खिलाडियों की नीलामी होते देखता हूँ कि नेताओं की भी नीलामी होना चाहिए. सर्वश्रेष्ठ नेता को भुगतान केंद्रीय चुनाव आयोग को करना चाहिए. ऐसा करने से न एस आई आर...
वंदे मातरम्

आज कोई प्रश्नकर्ता नहीं है! – डॉ राजेंद्र रंजन चतुर्वेदी

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श्री बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की चर्चा चल रही है, उनके गीत "वंदे मातरम्" की चर्चा चल रही है। बंकिम चट्टोपाध्याय का संदेश क्या था? क्या उनका संदेश दुर्गा की स्तुति है? वंदे मातरम् की...
Is opposing Nehru necessary or a compulsion?

नेहरू का विरोध जरुरी है या मजबूरी? – राकेश अचल

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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी का ये सुझाव काबिले गौर है कि भाजपा पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर अपनी शिकायतों और नेहरू जी की गलतियों की एक फेहरिस्त बनाकर उनके बारे में एकमुश्त बहस...
Indigo

अब न रेलें भरोसे की रहीं न हवाई जहाज – राकेश अचल

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कहने को भारत में घरेलू विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू बाजार है। 2025 में, यह क्षेत्र प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।...
SIR

फैसला करो मीलार्ड – मणिमाला

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बहस चलती रही बिहार में SIR हो गया। जिंदा लोग मार दिए गए। मरे जिंदा हो गए। चुनाव हो गए। कई असली मतदाता वोट नहीं डाल पाए। कई नकली वोट डाल गए। वोट डालने...
bihar Chunav

सैंया भये कोतवाल – डॉ योगेन्द्र

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सुबह सूरज ठीक से उगा नहीं। सूरज पर कटे कटे बादल छाये रहे। ठंड के कारण खिड़कियां बंद रहती हैं, इसलिए चिड़िया के स्वर सुनाई नहीं पड़े। खिड़कियों में लगे शीशे के बाहर सबकुछ...
The jugalbandi of the Election Commission and the BJP in Assam

असम में चुनाव आयोग और भाजपा की जुगलबंदी – योगेंद्र यादव

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कभी कभी एक छोटी से हरकत किसी व्यक्ति के चरित्र का पर्दाफाश कर देती है। ऐसा ही चुनाव आयोग के साथ हुआ। इसी २७ अक्टूबर को चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस कर देश के...
Bulldozer action

असली लोकतंत्र का दृश्य: जेसीबी में लटके युवक – डॉ योगेन्द्र

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सड़क किनारे जो झुग्गियां बना कर रहते हैं, वे देश के नागरिक हैं या नहीं? क्या देश के नागरिक वहीं हैं जो मुफ्त में रोटियां तोड़ते हैं, देश का पैसा लूट कर बहुमंजिली इमारतें...