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Epstein documents

छायाओं का नेटवर्क: एपस्टीन दस्तावेज़ों की चेतावनी

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— परिचय दास — "एपस्टीन दस्तावेज" नाम, जब भी सुनाई देता है तो एक साथ डर, रहस्य और सवाल उठता है—जेफ्री एपस्टीन। पहले केवल एक संपन्न निवेशक, ऊँची ऊँची इमारतों और महंगी नौकाओं का मालिक लेकिन...

लोक शाही की के लिए लोक सहभाग का अनोखा प्रयोग

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— गोविंद चव्हाण — आज देश के संविधान, लोक शाही और स्वतंत्रता के मूल्योंकी अवनति या दुरावस्था से आप भली भाती परिचित है । इसके अनेक कारण है लेकिन कोई राजकीय सत्ता अपने अधिकारों का...
Recipes for becoming a world leader

विश्वगुरु बनने के नुस्खे – डॉ योगेन्द्र

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विश्वगुरु बनने के लिए पहला अनिवार्य काम यह है कि बलात्कारियों की जाति की पहचान करो। अगर आपकी जाति के बलात्कारी हैं तो उनके पूजन अर्चन करो। यह मानो कि आपकी महान जाति में...
Gau Mutra

हर मर्ज की एक दवा-गोबर और गौ मूत्र – डॉ योगेन्द्र

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देश में और कुछ की कमी हो, लेकिन बयानवीरों की कोई कमी नहीं है। नेताओं के बयान पढ़ें तो ऐसा लगता है कि देश विश्वगुरु के पद पर चमक रहा है, बल्कि कहिए कि...

तर्क, ज्ञान और अंधश्रद्धा – डॉ योगेन्द्र

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धूप खिली है। ठंड है भी और नहीं भी। सुबह ठंड रहती है। धूप उगते ही ठंड अपनी दुनिया समेट लेती है। दिसंबर के महीने में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ती थी। प्रेमचंद...
MNREGA

मनरेगा नहीं महात्मा गांधी निशाने पर – राकेश अचल

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हमारी अपनी सरकार ने दुनिया की सबसे बडी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. अब मनरेगा यानि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम अब पूज्य...
Neither the leaders nor the election process will improve.

न नेता सुधरेंगे और न चुनाव की प्रक्रिया – राकेश अचल

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— राकेश अचल — संसद के महत्वपूर्ण 20 घंटे दो ऐसे मुद्दों पर बहस की भेंट चढ गये जिनका कोई हासिल नही है सिवाय संसदीय हताशा के.संसद में सत्ता पक्ष का टेसू अपनी जगह अडा...

इतिहास की कल्पना बनाम कल्पनाओं का इतिहास – अरुण कुमार त्रिपाठी

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वंदे मातरम् पर संसद में हुई दस घंटे की बहस से क्या मिला? क्या किसी ने कोई सबक लिया और देश में कहीं सद्भाव और सौहार्द और साझी विरासत को समझने का वातावरण निर्मित...

क्या नेता भी नीलाम हो सकते हैं? – राकेश अचल

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आईपीएल के लिए जब खिलाडियों की नीलामी होते देखता हूँ कि नेताओं की भी नीलामी होना चाहिए. सर्वश्रेष्ठ नेता को भुगतान केंद्रीय चुनाव आयोग को करना चाहिए. ऐसा करने से न एस आई आर...
वंदे मातरम्

आज कोई प्रश्नकर्ता नहीं है! – डॉ राजेंद्र रंजन चतुर्वेदी

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श्री बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की चर्चा चल रही है, उनके गीत "वंदे मातरम्" की चर्चा चल रही है। बंकिम चट्टोपाध्याय का संदेश क्या था? क्या उनका संदेश दुर्गा की स्तुति है? वंदे मातरम् की...