गलगोटिया की अपसंस्कृति अचानक नहीं आयी – डॉ योगेन्द्र
भारत में लोगों को काम मिल नहीं रहा है और एआई से काम के घंटे आधे रह जायेंगे और काम पहले से दोगुना होगा। खुश होइए भाई लोग। आर एस एस के संघ सरसंघचालक...
जाति के दड़वों की घुटन – डॉ योगेन्द्र
डॉ अम्बेडकर के नेतृत्व में चवदार तालाब आंदोलन ( महाड़ सत्याग्रह) हुआ 20 मार्च 1927 को।इस महान आंदोलन को पूरे सौ वर्ष होने वाले हैं। चवदार का मराठी में अर्थ होता है स्वादिष्ट। चवदार...
नोबेल, जेल और ईरान की सत्ता-संरचना! – परिचय दास
तेहरान की एक न्यूज़ एजेंसी की खबर है कि ईरान में रविवार को नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को छह साल की सजा सुनाई गई। उनके वकील ने सजा की पुष्टि की है।...
एपस्टीन फाइल्स यानी पूंजीवाद का घिनौना चेहरा – अरुण कुमार त्रिपाठी
जिन्हें पूंजीवाद से प्रेम है और जो मानवता का भविष्य इसी व्यवस्था में देखते हैं उन्हें एपेस्टीन फाइल्स की रोशनी में अपनी मान्यताओं पर नए सिरे से विचार करना चाहिए। जेफरी एपेस्टीन नाम के...
छायाओं का नेटवर्क: एपस्टीन दस्तावेज़ों की चेतावनी
— परिचय दास —
"एपस्टीन दस्तावेज" नाम, जब भी सुनाई देता है तो एक साथ डर, रहस्य और सवाल उठता है—जेफ्री एपस्टीन। पहले केवल एक संपन्न निवेशक, ऊँची ऊँची इमारतों और महंगी नौकाओं का मालिक लेकिन...
लोक शाही की के लिए लोक सहभाग का अनोखा प्रयोग
— गोविंद चव्हाण —
आज देश के संविधान, लोक शाही और स्वतंत्रता के मूल्योंकी अवनति या दुरावस्था से आप भली भाती परिचित है । इसके अनेक कारण है लेकिन कोई राजकीय सत्ता अपने अधिकारों का...
विश्वगुरु बनने के नुस्खे – डॉ योगेन्द्र
विश्वगुरु बनने के लिए पहला अनिवार्य काम यह है कि बलात्कारियों की जाति की पहचान करो। अगर आपकी जाति के बलात्कारी हैं तो उनके पूजन अर्चन करो। यह मानो कि आपकी महान जाति में...
हर मर्ज की एक दवा-गोबर और गौ मूत्र – डॉ योगेन्द्र
देश में और कुछ की कमी हो, लेकिन बयानवीरों की कोई कमी नहीं है। नेताओं के बयान पढ़ें तो ऐसा लगता है कि देश विश्वगुरु के पद पर चमक रहा है, बल्कि कहिए कि...
तर्क, ज्ञान और अंधश्रद्धा – डॉ योगेन्द्र
धूप खिली है। ठंड है भी और नहीं भी। सुबह ठंड रहती है। धूप उगते ही ठंड अपनी दुनिया समेट लेती है। दिसंबर के महीने में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ती थी। प्रेमचंद...
मनरेगा नहीं महात्मा गांधी निशाने पर – राकेश अचल
हमारी अपनी सरकार ने दुनिया की सबसे बडी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. अब मनरेगा यानि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम अब पूज्य...
















